होम गार्ड विभाग

उत्तर प्रदेश होम गार्ड संगठन का प्रादुर्भाव 1962 में चीन द्वारा भारत पर किए गए आक्रमण की पृष्ठभूमि में हुआ। जिसका मोटो निष्काम सेवा है। संगठन के सदस्यों की सेवायें शान्ति-व्यवस्था स्‍थापित करने, आंतरिक सुरक्षा एवं हवाई हमले के समय जनता का सहयोग करने में पुलिस की सहायता हेतु ली जाती हैं। दैवीय आपदाओं जैसे आग लगने, बाढ़ आने, महामारी के प्रकोप एवं अन्य ऐसे कार्य जो आपात कालीन परिस्थितियों में आवश्यक हों होम गार्ड स्वयंसेवकों द्वारा सम्पादित कराये जाते हैं। उत्तर प्रदेश होम गार्ड संगठन में वैतनिक व अवैतनिक दोनों प्रकार के अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत हैं।
उत्तर प्रदेश होम गार्ड संगठन उत्तर प्रदेश शासन के अंतर्गत एक स्वतंत्र विभाग के रूप में स्थापित है। विभाग माननीय मंत्रीजी होम गार्ड एवं माननीय राज्य मंत्रीजी होम गार्ड उत्तर प्रदेश सरकार के नियन्त्रण में कार्यरत है। विभाग में प्रमुख सचिव, सचिव तथा संयुक्त सचिव होम गार्ड नियुक्त हैं। शासन में होम गार्ड विभाग का एक स्वतन्त्र अनुभाग है, जो अनुभाग अधिकारी होम गार्ड के नियंत्रण/पर्यवेक्षण में कार्यरत है। कमाण्डेन्ट जनरल होम गार्ड, जो उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक स्तर के आईपीएस संवर्ग के अधिकारी हैं, उत्तर प्रदेश होम गार्ड संगठन के विभागाध्यक्ष होते हैं।